Diwali 2023 Date: नवंबर में हैं दिवाली या दीपावली किस तारीख को हैं ? जानें पांच दिवसीय त्योहार से जुड़ी हर छोटी बड़ी बातें शुभ समय तारीख और Date

Diwali 2023 in India; दिवाली खुशियों का त्यौहार है, पांच दिवसीय इस त्यौहार को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है ।। आप भी जाने इस साल धनतेरस छोटी दिवाली दिवाली दीपावली गोवर्धन पूजा और भाई दूज कब है किस तारीख को है पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है ।। इस पोस्ट में आप लोगों को सब कुछ बताने वाले हैं की इन सब त्योहार का पूजा करने का शुभ मुहूर्त शुभ दिन कौन सा है और कितने से कितने बजे तक है तो आप लोग पूरे पोस्ट को ध्यान से पढ़िए ।।

Diwali or Deepawali 2023 Kab hai :  आप सभी को पता होगा की दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है ।। यह दियो और रोशनी का प्रमुख त्यौहार है । दिवाली के त्यौहार भगवान श्री राम जब अपने राज अयोध्या वापस आए थे उनकी खुशी में यह त्यौहार मनाया जाता है ।। यह त्यौहार समृद्धि की देवी लक्ष्मी और बुद्धि के देवता और सभी बडो को दूर करने वाले सभी कासन को दूर करने वाले देवता भगवान श्री श्री गणेश जी से भी जुड़ा हुआ है ।। 

पांच दिवसीय है दिवाली का महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार:

दिवाली का पर्व गोवर्धन पूजा के दिन से शुरू होता है और भाई दूज के दिन से संपन्न होता है ।। यह पांच दिवसीय त्यौहार है । जिसमें धनतेरस छोटी दिवाली दिवाली गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे त्योहार मनाए जाते हैं ।। जो कि हिंदू धर्म में यह त्यौहार काफी ही महत्वपूर्ण है । और बहुत ही धूमधाम से बनाया जाता है दिवाली के त्यौहार को हम लोग दीपो का त्यौहार भी बोलते हैं ।।

दीपावली या दिवाली 2023 कब है :

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल दिवाली या दीपावली कार्तिक महीने के 15वें दिन अमावस्या को तिथि के मनाई जाती है ।। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है लगभग लगभग सभी घरों में पूजा की जाती है । इस साल देश भर में दिवाली 12 नवंबर 2023 दिन रविवार को मनाई जाएगी ऐसा पंचांग में भी आप लोगों को देखने को मिल जाएगा । इस साल भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का पूजा मुहूर्त शाम 6:11 से रात 8:15 तक शुभ मुहूर्त रहने वाला है जिसमें आप लोग पूजा कर सकते हैं इस शुभ मुहूर्त में अगर आप पूजा करते हैं तो आपको विशेष फलदायक रहेगा ।।

मंगल के साथ सूरज की कन्या राशि में ज्योति आने वाले 5 दिन इन तीन राशियों के लिए वरदान सामान रहेगा यह बात आप लोग ध्यान रखिएगा की मंगल है ।। उनके साथ सूरज और कन्या राशि में ज्योति जो है आने वाली है, अगले 5 दिनों के लिए जो इन तीन राशियों के लिए वरदान सामान रहेगा वह रसिया में नीचे बताने वाला हूं आप लोग ध्यान से इस पोस्ट को पढ़िए ।।

अमावस्या की तिथि कब है और कितने बजे तक है यह भी जान लीजिए  :

इस वर्ष अमावस्या की तिथि 12 नवंबर को दोपहर 2:44 से प्रारंभ होने वाली है और यह 13 नवंबर तक 13 नवंबर 2023 तक दोपहर को 2:56 पर समाप्त होने वाली है यह बात आप लोग ध्यान रखिएगा ।।

गोवर्धन पूजा धनतेरस छोटी दिवाली पूजा दिवाली पूजा भाई दूज 2023 की तारीख यही रहने वाली है;-

इस साल धनतेरस का त्यौहार 10 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा हम आपको बताते चले कि धनतेरस का त्यौहार भी बहुत महत्वपूर्ण होता है इस दिन किसी नए सामान का खरीदारी किया जाता है अगर आपके पास पर्याप्त पैसे ना हो तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है सिर्फ और सिर्फ एक ₹10 का झाड़ू भी खरीद सकते हैं वह भी एक नए सामान हो जाएगा ।। 

अअब हम आगे बात छोटी दिवाली का तो छोटी दिवाली का तारीख 11 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा ।।

छोटी दिवाली के ठीक अगले दिन दिवाली का पर्व 12 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा ।।

13 नवंबर 2023 को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी इस पूजा के विषय में कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र भगवान को रोकने के लिए उन्होंने गोवर्धन पर पर्वत को उठा लिया था एक उंगली पर इस समय से गोवर्धन की पूजा की जाती है ।।

14 नवंबर 2023 को भाई दूज का त्यौहार मनाया जाएगा इसके विषय में कुछ कहानियां प्रचलित है जैसे की इस दिन बहन अपने भाई के लिए भाई की सुरक्षा के लिए उपवास करती है यही कहानी प्रचलित है ।।

धनतेरस (Dhanteras 2023) क्यों मनाया जाता है इसके बारे में विस्तृत रूप से जानते हैं :-

धनतेरस का त्यौहार प्रत्येक साल कार्तिक मास के किस वर्ष के तुलसी तिथि को मनाया जाता है, यह पर दिवाली दीपावली के आने की पूर्व सूचना देता है , शास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक पक्ष कृष्ण तुलसी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रगट हुए थे माना जाता है ।। कि संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए भगवान विष्णु नहीं भगवान धन्वंतरि का अवतार लिया था, भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के उपलक्ष में धनतेरस का महापर्व मनाया जाता है ।। धनतेरस के दिन कोई भी विशेष सामान खरीदना प्रचलन में है जिसके पास जितनी औकात जिसके पास जितनी पैसा वैसे सामान खरीदना है ।। किसी के पास ज्यादा पैसा है तो गाड़ी खरीदना है, किसी पास कम पैसा है तो प्लेट खरीदना है ।। बर्तन खरीदना है लोटा खरीदना है , और जिसके पास पैसे कम है तो उनके लिए मैं सबसे सर्वश्रेष्ठ उपाय बताने वाला हूं, क्योंकि मैं भी खुद में धनतेरस के दिन एक झाड़ू जो की ₹10 में मिलता है , मार्केट में वही खरीद लीजिए उससे बड़ा शुभ चीज कुछ नहीं है, झाड़ू को लक्ष्मी का रूप कहा जाता है की लक्ष्मी का वास झाड़ू में ही होता है ।। तो आप लोग किसी भी और लोगों का देखा देखी मत कीजिए आपके पास बजट कम है, तो आप सिर्फ एक अपना झाड़ू खरीद लीजिए उससे बड़ा शुभ चीज कोई नहीं है ।।

30 अक्टूबर से इन तीन राशियों का लौटेगा अच्छा समय राहु गुरु की ज्योति का होने वाला है अंत इस समय आपके लिए शुभ रहने वाला है :-

छोटी दिवाली (Choti Diwali 2023 ) क्यों मनाते हैं :-

धनतेरस के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली का पर्व मनाया जाता है , इसके बारे में भी विस्तृत जानकारी हम देने वाले हैं ।। यह पर्व आसीन या कार्तिक के अंधेरे पखवाड़े के 14वें दिन आती है। छोटी का अर्थ होता है छोटा नरक का अर्थ है नर्क और चतुर्दशी का अर्थ है 14 व । पौराणिक कथाओं के अनुसार यह खुशी का दिन कृष्ण पक्ष द्वारा कृष्ण द्वारा रक्षा नरकासुर की हार से जुड़ा है जिसे 16000 राजकुमारी का अपहरण कर लिया था और राक्षस नरकासुर का वध भगवान श्री कृष्ण ने किया था ।।

दिवाली (Diwali 2023) क्यों मनाई जाती है और इसके पीछे क्या रहस्य है यह सब कुछ जानते हैं :-

रामायण के अनुसार भगवान श्री राम जब लंका के राजा रावण का वध कर पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापस लौटे तो उसे दिन पूरी अयोध्या नगरी में देवों से सजी थी भगवान राम के 14 वर्षों का वनवास के बाद अयोध्या वापसी पर दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है ।। इसके पीछे यह कहानी प्रचलित होती आई है, रामायण रामायण ग्रंथ हिंदू धर्म का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है, और भगवान श्री राम हिंदू धर्म के सर्वश्रेष्ठ देवताओं में से पूज्य तुल्य हैं और उन्हीं के आदर्शों पर हिंदू धर्म चलता है ।।

गोवर्धन पूजा कब है जान यहां सटीक जानकारी पूजा मुहूर्त व्रत टाइमिंग विधि चंद टाइमिंग यह सब कुछ :-

दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष का पहला दिन होता है , दुनिया के कुछ हिस्सों मे इस अनाज का ढेर परवाह गोवर्धन पूजा बलि पर्दा वाली पदमी और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के रूप में भी मनाया जाता है ।  एक पौराणिक कथा के अनुसार हिंदू भगवान कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से होने वाली लगातार बारिश और बाढ़ से खेती और गाय चराने वाले गांव को बचाने के लिए पास में रखे गोवर्धन पर्वत को उठाया था, और सारे गांव वालों को बचाया था इसके बाद से ही गोवर्धन पूजा की जाने लगी ।।

भाई दूज क्यों मनाया जाता है :- यह पांच दिवसीय दिवाली के पर्व का अंतिम दिन होता है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन आता है ।। इस दिन को भाई दूज भाव बी भाई तिलक या भाई फोटा के नाम से भी जाना जाता है कुछ राज्यों में कुछ लोग इस खुशी को दिन को यह की बन जमुना द्वारा तिलक लगाकर जाम का स्वागत करने के संकेत के रूप में भी देखते हैं ।। और जम के स्वागत के लिए ही एक दिया भी जलाया जाता है, जबकि अन्य से नरकासुर की हार के बाद सुभद्रा के घर में कृष्ण के प्रवेश के रूप में देखते हैं सुभद्रा ने भी भगवान कृष्ण माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया था ।।

तो आपको यह पोस्ट कैसा लगा कमेंट करके अवश्य बताइएगा ।।

 

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